जब कोई इंसान अपनी ज़िंदगी के सबसे कठिन दौर को सालों बाद दोबारा अपनी आंखों के सामने घटते देखता है, तो पुरानी यादें आंसुओं के जरिए बाहर निकल ही आती हैं। फिल्म '12th Fail' की शूटिंग के दौरान भी कुछ ऐसा ही हुआ जब असली IPS अधिकारी मनोज कुमार शर्मा सेट पर पहुंचे और खुद को विक्रांत मैसी के रूप में दोबारा संघर्ष करते देखा। मेकर्स ने हाल ही में उस बेहद भावुक और अनदेखे पल का खुलासा किया है, जिसने शूटिंग पर मौजूद पूरी टीम को झकझोर कर रख दिया था।
दिल्ली के मुखर्जी नगर में जब थम गई थीं सेट की सांसें
डायरेक्टर विधु विनोद चोपड़ा ने फिल्म को बिल्कुल असली दिखाने के लिए दिल्ली के मुखर्जी नगर और राजेंद्र नगर की उन्हीं तंग गलियों में शूटिंग करने का फैसला किया, जहां कभी मनोज शर्मा ने अपने दिन बिताए थे। शूटिंग के एक सीन में विक्रांत मैसी एक बेहद तंग कमरे में आटा चक्की चलाते हुए पढ़ाई कर रहे थे। असली IPS मनोज शर्मा उस वक्त कैमरे के ठीक पीछे मॉनिटर के पास खड़े थे।
अचानक सेट पर सन्नाटा छा गया जब मेकर्स ने देखा कि मनोज शर्मा की आंखों से लगातार आंसू बह रहे हैं। वह सीन फिल्म का कोई ड्रामेटिक सीक्वेंस नहीं था, बल्कि मनोज के लिए उनकी 20 साल पुरानी उस लाचारी, गरीबी और भूख से भरी रातों का जीवंत सच था जो कैमरे के सामने दोबारा घट रहा था।
विधु विनोद चोपड़ा ने बताया सेट का वो भावुक किस्सा
फिल्म के निर्देशक विधु विनोद चोपड़ा ने एक इंटरव्यू में इस वाकये को याद करते हुए बताया कि सेट पर मौजूद हर शख्स उस वक्त निशब्द हो गया था। उन्होंने बताया, "हम अक्सर फिल्मों में नकली आंसू बहाने के लिए ग्लिसरीन का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन उस दिन मनोज को रोते देखकर विक्रांत और क्रू के अन्य सदस्यों की आंखें भी नम हो गई थीं।"
मेकर्स के अनुसार, उस वक्त मनोज शर्मा ने विधु विनोद चोपड़ा का हाथ पकड़ा और बेहद रुंधे हुए गले से कहा कि उन्हें ऐसा लग रहा है जैसे वे समय में पीछे लौट गए हैं। उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि उनके उस पुराने दर्द और संघर्ष को पर्दे पर इतनी ईमानदारी से उतारा जा रहा है।
श्रद्धा जोशी भी नहीं रोक पाई थीं अपने आंसू
इस अनदेखे किस्से में एक और खास बात यह थी कि उस दिन मनोज शर्मा की पत्नी और IRS अधिकारी श्रद्धा जोशी भी सेट पर मौजूद थीं। जब विक्रांत मैसी और मेधा शंकर (श्रद्धा का किरदार) के बीच का एक बेहद इमोशनल सीन शूट हो रहा था, तब श्रद्धा भी अपने आंसुओं पर काबू नहीं रख सकीं।
दोनों ने एक-दूसरे का हाथ थाम रखा था और बिना कुछ कहे सिर्फ मॉनिटर पर अपने अतीत को जीवंत होते देख रहे थे। मेकर्स का कहना है कि उस एक पल ने पूरी फिल्म की स्टारकास्ट को अपने किरदारों में और गहराई से डूबने की ताकत दी।
विक्रांत मैसी के इस समर्पण ने असली IPS को कर दिया हैरान
विक्रांत मैसी ने मनोज शर्मा के किरदार को जीने के लिए खुद में कई शारीरिक और मानसिक बदलाव किए थे। उन्होंने धूप में बैठकर अपनी त्वचा को टैन किया, दाढ़ी बढ़ाई और मनोज शर्मा के पुराने कपड़ों के स्टाइल को अपनाया।
फिल्म के क्रू मेंबर्स के मुताबिक, इन खास वजहों से शूटिंग का माहौल बेहद वास्तविक हो गया था:
- असली लोकेशंस: स्टूडियो में सेट लगाने के बजाय असली आटा चक्की, लाइब्रेरी और मुखर्जी नगर की तंग गलियों में शूटिंग की गई।
- बिना मेकअप का लुक: विक्रांत मैसी ने किरदार की सादगी बनाए रखने के लिए किसी भी तरह के हैवी मेकअप से परहेज किया।
- असली छात्रों का साथ: मुखर्जी नगर में UPSC की तैयारी कर रहे असली एस्पिरेंट्स को भी बैकग्राउंड सीन्स में शामिल किया गया था।
सिनेमा जब बन जाता है जिंदगी का सच्चा आईना
आज के दौर में जहां ज्यादातर बड़ी फिल्में भारी-भरकम VFX और सेटों के भरोसे बनती हैं, वहीं '12th Fail' ने सादगी का रास्ता चुना। मनोज शर्मा का सेट पर इस तरह रो पड़ना इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि इस फिल्म में दिखाई गई हर एक भावना शत-प्रतिशत सच्ची थी।
विक्रांत मैसी ने बाद में एक बातचीत में स्वीकार किया था कि असली मनोज शर्मा को अपने सामने रोते देखना उनके पूरे एक्टिंग करियर का सबसे बड़ा, कीमती और जिम्मेदारियों से भरा अनुभव था।
'12th Fail' सिर्फ एक IPS अधिकारी की सफलता की कहानी बनकर नहीं रह गई, बल्कि यह उन करोड़ों उम्मीदों की आवाज बन गई जो हर दिन अपनी असफलताओं से लड़कर एक नई सुबह का सपना देखती हैं। जब किसी कलाकार का अभिनय असली जिंदगी के ज़ख्मों को सहला दे, तो वो फिल्म नहीं बल्कि एक इतिहास बन जाती है।
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