अगर आप भारी-भरकम प्रमोशन और ढोल-नगाड़े के साथ आने वाली फिल्मों से बोर हो चुके हैं, तो ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर चुपके से आई एक सस्पेंस थ्रिलर आपका वीकेंड रोमांच से भर सकती है। बिना किसी बड़े शोर-शराबे के रिलीज़ हुई यह फिल्म शुरुआत के 10 मिनट में ही आपको अपनी गिरफ्त में ले लेती है और आखिरी सीन तक हिलने नहीं देती। हम बात कर रहे हैं मलयालम सिनेमा की चर्चित और हिंदी में डब होकर आई मास्टरपीस फिल्म 'इरट्टा' (Iratta) की।
क्या है 'इरट्टा' की कहानी?
कहानी वागामोन के एक स्थानीय पुलिस स्टेशन से शुरू होती है, जहां अचानक गोली चलने की आवाज आती है। अंदर जाने पर पता चलता है कि ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी विनोद की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो चुकी है। घटना के वक्त स्टेशन में तीन अन्य पुलिसवाले मौजूद थे, जिससे मामला और उलझ जाता है और हर किसी पर शक की सुई घूमती है।
मामले की जांच की जिम्मेदारी डीएसपी प्रमोद को सौंपी जाती है, जो मृत विनोद का जुड़वां भाई है। दोनों भाइयों के बीच बचपन से ही गहरे मतभेद और कड़वाहट रही है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ती है, दोनों भाइयों के अतीत के काले पन्ने खुलते हैं और कहानी एक ऐसे मोड़ पर पहुंचती है जहां से वापसी का कोई रास्ता नहीं बचता।
क्यों हर क्राइम-थ्रिलर प्रेमी को देखनी चाहिए यह फिल्म?
निर्देशक रोहित एमजी कृष्णन ने इस फिल्म को बेहद कसी हुई स्क्रिप्ट के साथ पेश किया है। फिल्म में कोई फालतू का ड्रामा, बेवजह के गाने या गैर-जरूरी सीन नहीं हैं। कहानी पूरी तरह से अपने मुख्य प्लॉट पर टिकी रहती है।
- जोशू जॉर्ज का बेमिसाल अभिनय: अभिनेता जोशू जॉर्ज ने विनोद और प्रमोद, दोनों भाइयों का किरदार निभाया है। दोनों के चाल-ढाल और चेहरे के भावों में उन्होंने जो अंतर पैदा किया है, वह काबिले तारीफ है।
- धीमी शुरुआत लेकिन मजबूत पकड़: फिल्म पहले आधे घंटे में किरदारों की पृष्ठभूमि बनाती है और फिर अचानक जांच की रफ्तार इतनी तेज हो जाती है कि दर्शक स्क्रीन से नजर नहीं हटा पाते।
- हिलाकर रख देने वाला क्लाइमेक्स: इस फिल्म का सबसे बड़ा यूएसपी (USP) इसका आखिरी 15 मिनट का क्लाइमेक्स है। ऐसा शॉकिंग ट्विस्ट हाल के वर्षों में किसी भारतीय फिल्म में देखने को नहीं मिला है।
सोशल मीडिया पर क्यों हुई इस छुपे हुए रुस्तम की चर्चा?
जब यह फिल्म नेटफ्लिक्स पर आई थी, तो इसे लेकर कोई बड़ा रीच कैंपेन नहीं चलाया गया था। लेकिन जैसे-जैसे थ्रिलर के शौकीनों ने इसे देखा, वर्ड-ऑफ-माउथ (लोगों की माउथ पब्लिसिटी) के जरिए यह ट्रेंड करने लगी। IMDb पर इस फिल्म को 7.7/10 की बेहतरीन रेटिंग मिली हुई है, जो इसके कंटेंट का लोहा मानती है।
कई फिल्म समीक्षकों ने इसे साल की सबसे डार्क और अनप्रेडिक्टेबल थ्रिलर करार दिया है। फिल्म की सिनेमैटोग्राफी और बैकग्राउंड म्यूजिक सस्पेंस के माहौल को और ज्यादा गहरा और डरावना बना देते हैं।
कहाँ और कैसे देखें?
अगर आप भाषा की वजह से इसे छोड़ने की सोच रहे हैं, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। 'इरट्टा' नेटफ्लिक्स पर शानदार हिंदी डबिंग के साथ उपलब्ध है। 1 घंटे 50 मिनट की यह फिल्म समय की बिल्कुल भी बर्बादी नहीं महसूस होने देती।
इसे देखते समय बस एक बात का ध्यान रखें—अपने फोन को खुद से दूर रखें। फिल्म की छोटी-छोटी बारीकियां ही आगे जाकर बड़े राज खोलती हैं, इसलिए एक भी सीन मिस करना आपके थ्रिल को कम कर सकता है।
अगर आप वास्तविक और लीक से हटकर बना सिनेमा पसंद करते हैं, तो यह सस्पेंस थ्रिलर आपकी वॉचलिस्ट में सबसे ऊपर होनी चाहिए। यह फिल्म साबित करती है कि एक बेहतरीन कहानी को हिट होने के लिए 100 करोड़ के बजट की नहीं, बल्कि सिर्फ एक दमदार प्लॉट की जरूरत होती है।
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