बॉलीवुड की इकलौती फिल्म जिसकी नासा के अंदर हुई थी शूटिंग: जानिए शाहरुख खान की 'स्वदेस' के उस सीन के पीछे की कहानी

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बॉलीवुड की इकलौती फिल्म जिसकी नासा के अंदर हुई थी शूटिंग: जानिए शाहरुख खान की 'स्वदेस' के उस सीन के पीछे की कहानी

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क्या आप जानते हैं कि शाहरुख खान की सुपरहिट फिल्म 'स्वदेस' सिर्फ एक भावनात्मक कहानी नहीं थी, बल्कि इसने भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया जिसे आज तक कोई नहीं तोड़ पाया है? साल 2004 में रिलीज हुई इस फिल्म की शूटिंग अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी 'नासा' (NASA) के असली हेडक्वार्टर के भीतर हुई थी। जी हां, 'स्वदेस' बॉलीवुड की पहली और इकलौती फिल्म है, जिसे नासा के कड़े सुरक्षा घेरे के अंदर जाकर शूट करने की खास इजाजत मिली थी।

9/11 के कड़े सुरक्षा नियमों के बीच कैसे मिली अनुमति?

अमेरिका में 11 सितंबर 2001 (9/11) के आतंकी हमले के बाद किसी भी विदेशी फिल्म क्रू के लिए सरकारी इमारतों या हाई-सिक्योरिटी वाले संस्थानों में शूटिंग करना लगभग असंभव हो गया था। लेकिन निर्देशक आशुतोष गोवारिकर अपनी फिल्म की कहानी में रत्ती भर भी बनावटीपन नहीं चाहते थे।

आशुतोष ने नासा के अधिकारियों के सामने फिल्म की पूरी स्क्रिप्ट रखी। उन्होंने दिखाया कि कैसे फिल्म का मुख्य किरदार मोहन भार्गव (शाहरुख खान) एक भारतीय वैज्ञानिक के रूप में नासा में एक बेहद महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर काम कर रहा है। नासा के अधिकारी स्क्रिप्ट में भारतीय वैज्ञानिक के इस गरिमापूर्ण और यथार्थवादी चित्रण से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने मैरीलैंड स्थित 'गॉडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर' (Goddard Space Flight Center) के दरवाजे शूटिंग के लिए खोल दिए।

कौन-कौन से सीन्स की हुई थी असली नासा परिसर में शूटिंग?

फिल्म में शाहरुख खान यानी मोहन भार्गव को 'ग्लोबल प्रेसिपिटेशन मेजरमेंट' (GPM) नाम के उपग्रह मिशन पर काम करते हुए दिखाया गया है। यह कोई काल्पनिक नाम नहीं था, बल्कि नासा उस समय सचमुच इस रिसर्च प्रोजेक्ट पर काम कर रहा था।

फिल्म के कई महत्वपूर्ण सीन्स असली नासा लोकेशन पर फिल्माए गए थे:

  • कंट्रोल रूम और लैब: मोहन भार्गव जहां बैठकर सैटेलाइट डेटा और वेदर मॉनिटरिंग करते हैं, वह नासा का असली ऑपरेशन सेंटर था।
  • असली वैज्ञानिक बने एक्स्ट्राज: फिल्म के बैकग्राउंड में जो लोग कंप्यूटर पर काम करते और फाइल्स ले जाते दिखते हैं, उनमें से कई असल में नासा के ही वैज्ञानिक और इंजीनियर थे।
  • मुख्य परिसर और एंट्री: शाहरुख खान का नासा की मुख्य इमारत में प्रवेश करना, सुरक्षा जांच से गुजरना और परिसर में कार चलाना पूरी तरह से रियल लोकेशन पर शूट हुआ था।

जब शाहरुख खान को मिला असली नासा का सिक्योरिटी पास

शूटिंग के दौरान सुरक्षा मानकों का बेहद कड़ाई से पालन किया गया था। शाहरुख खान समेत फिल्म के पूरे क्रू को हर दिन सख्त बायोमेट्रिक चेकिंग से गुजरना पड़ता था। शूटिंग के दिनों में शाहरुख खान को नासा परिसर में बिना रुकावट काम करने के लिए एक असली टेंपरेरी 'ऑल-एक्सेस' आईडी कार्ड जारी किया गया था।

शाहरुख खान ने बाद में एक इंटरव्यू में बताया था कि असली वैज्ञानिकों के बीच काम करना उनके लिए बहुत प्रेरणादायक अनुभव था। नासा के कई कर्मचारी भी शाहरुख खान के अभिनय और उनकी सादगी से काफी प्रभावित हुए थे।

VFX के दौर में क्यों खास है 'स्वदेस' का यह कारनामा?

आज के समय में जब स्पेस और साइंस आधारित सीन्स को केवल ग्रीन स्क्रीन और VFX के जरिए स्टूडियो में तैयार कर लिया जाता है, तब 'स्वदेस' की टीम का असल लोकेशन पर जाना एक मिसाल था। फिल्म में दिखाए गए मॉनिटर्स, सैटेलाइट मॉडल्स और रिसर्च इक्यूपमेंट्स सब कुछ वास्तविक थे।

यही वजह है कि जब मोहन भार्गव नासा के इस हाई-टेक माहौल को छोड़कर भारत के एक छोटे से गांव 'चरणपुर' की गलियों में पहुंचता है, तो दर्शकों को दोनों दुनिया के बीच का अंतर बहुत गहराई से महसूस होता है।

आशुतोष गोवारिकर की जिद और प्रामाणिकता की इसी सोच ने 'स्वदेस' को महज एक फिल्म नहीं, बल्कि भारतीय सिनेमा का एक अनमोल रत्न बना दिया। नासा के अंदर शूट हुआ वह दृश्य आज भी याद दिलाता है कि जब कहानी में सच्चाई हो, तो सबसे कठिन दरवाजे भी खुल जाते हैं।


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